New Rail Line: इन शहरों की कनेक्टिविटी होगी बेहतर,जल्द बिछाई जाएगी 235 KM लंबी रेल लाइन

New Rail Line : महाराष्ट्र के दो बड़े शहरों नासिक और पुणे के बीच रेल सफर आसान बनाने के लिए पुणे-नासिक रेलवे लाइन( New Rail Line) परियोजना मंजूरी के इंतजार में है। 235 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने के लिहाज से विकसित करने का प्लान है। इस रूट 18 सुरंगे पहाड़ियों को काटकर बनाई जाएंगी। साथ ही कॉरिडोर में 22 नए स्टेशन होंगे, जिससे सफर काफी सुगम होगा। आइये जानते हैं यह रूट कब तैयार हो सकता है?
पुणे-नासिक न्यू रेल का पुन: निर्धारण
भारतीय रेलवे(Indian Railways)ने महाराष्ट्र के यात्रियों के लिए खुशखबरी दी है। रेलवे(Railways) के मुताबिक, पुणे-नासिक रेलवे परियोजना (railway project) के लिए नया मार्ग पुनः निर्धारित करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है और महाराष्ट्र सरकार की मंजूरी मिलते ही इसका काम शुरू कर दिया जाएगा। पूर्व प्रस्तावित मार्ग के तहत गलियारा नारायणगांव के पास खोडद गांव (पुणे से करीब 60 किलोमीटर दूर) स्थित ‘जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप’ (GMRT) के आस-पास 15 किलोमीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र से होकर गुजरना था।New Rail Line
पुणे-नासिक न्यू रेलवे लाइन( New Rail Line) रूट
पुणे-नासिक न्यू रेल सेमी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई 235.15 किलोमीटर है। यह लाइन राज्य के तीन जिले पुणे, अहमदनगर और नासिक को आपस में कनेक्ट करेगी। इस परियोजना रूट के बीच में कई पहाड़ियां पड़ रही हैं, जिनको क्रॉस करने के लिए 18 सुरंगे बनाई जाएंगी। इस रूट पर 24 स्टेशन बनाए जाएंगे। दावा है कि इस परियोजना के खुलने से मौजूदा समय में लगने वाले यात्रा के समय में 2 घंटे का कम समय लगेगा।
पुणे-नासिक न्यू रेल कॉरिडोर(Pune-Nashik New Rail Corridor) की लागत
पुणे-नासिक न्यू रेल कॉरिडोर(Pune-Nashik New Rail Corridor)को विकसित करने में 16039 करोड़ रुपये खर्च करने का अनुमान है। यह प्रोजेक्ट महाराष्ट्र डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन और महाराष्ट्र सरकार संयुक्त रूप से विकसित करेगा। दावा किया जा रहा है कि इस रूट को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ाने के लिहाज से विकसित किया जा रहा है, जिसे भविष्य में 250 किमी. प्रति घंटे तक बढ़ाया जा सकता है।New Rail Line

जीएमआरटी को 23 देशों का सहयोग
रेल मंत्री का कहना है कि वर्तमान में निर्धारित रूट को लेकर वैज्ञानिकों ने चिंता जताई थी कि इस क्षेत्र से ट्रेनों की आवाजाही रेडियो वेधशाला (Radio Observatory) के कामकाज में बाधा उत्पन्न कर सकती है। जीएमआरटी को 23 देशों के सहयोग से स्थापित किया गया है। पूर्व प्रस्तावित मार्ग के कारण इसके संचालन में बाधा आने की आशंका है इसलिए मार्ग का पुनः निर्धारण किया जा रहा है ताकि किसी प्रकार की बाधा पैदा न हो। राज्य सरकार की मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
पुणे से करीब 80 किमी दूर स्थित जीएमआरटी 150-1420 मेगाहर्ट्ज़ की आवृत्ति पर काम करता है। इसमें 45-45 मीटर व्यास के कुल 30 एंटीना हैं। यह टाटा मूलभूत अनुसंधान संस्थान (टीआईएफआर) के तहत राष्ट्रीय रेडियो खगोल भौतिकी केंद्र (एनसीआरए) द्वारा संचालित किया जाता है। कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले 5 साल के अंदर ही परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा।

पुणे-नासिक नई रेल लाइन (new railway line) के स्टेशन
पुणे-नासिक न्यू रेल रूट (rail route) पर कुल 22 स्टेशन होंगे, जिसमें पुणे, हडपसर, मंजरी, वाघोली, आलंदी, चाकन, राजगुरुनगर, मंचर, नारायणगांव, अलेफाटा, बोटा, सुकुर, अंबोर, संगमनेर, निमोन, नंदूर शिंगोटे, सिन्नर, मुहदारी, वडगांव और नासिक जैसे स्टेशन शामिल हैं। इसके अलावा उरूली, कंचन, खड़की और शिवाजीनगर आदि स्टेशन भी संभावित हैं।
पुणे रेलवे स्टेशन (railway station)का होगा कायाकल्प
रेल मंत्री ने पुणे रेलवे स्टेशन (railway station के पुनर्विकास की भी घोषणा की। पुणे स्टेशन को विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा और यहां चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। पुणे, हडपसर, खडकी, शिवाजीनगर, उरूली कांचन और आलंदी रेलवे स्टेशनों (railway stations) के पुनर्विकास की योजनाएं अंतिम चरण में हैं। पुणे-नागपुर के बीच वंदे भारत ट्रेन(Vande Bharat Train) शुरु करने को लेकर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ भी चर्चा की है। इसके अलावा रेल मंत्री ने हडपसर से जोधपुर एक्सप्रेस और एमजीआर (MGR) चेन्नई सेंट्रल-भगत की कोठी एक्सप्रेस ट्रेनों(express trains) को हरी झंडी दिखाई।New Rail Line











